एक वाक्य।
जीवन भर में, एक बार।
उनके लिए, जो बाद में आएँगे।
यात्री सदा से एक पत्थर छोड़ते आए हैं, ताकि जो उनके बाद आएँ, जान सकें कि यहाँ से कोई गुज़रा था।
पचास अक्षर, अपनी ही भाषा में।
एक बार लिखा गया। कोई सुधार नहीं। कोई मिटाना नहीं।
न कोई ऊपर, न कोई नीचे।
कोई भी पढ़ सकता है। कोई भी एक छोड़ सकता है।